करणानुयोग


About the करणानुयोग category (1)
Ardhamagadhi Bhasha (9)
गुणश्रेणी निर्जरा और आस्रव-बंध (3)
मोहनीय कर्म के अभाव स्वरूप प्रगट होने वाला गुण (12)
सरागसंयम और संयमासंयम में क्या अंतर है? (4)
जीवो की कमी नही होने का कारण। (6)
सम्यक दर्शन के प्रकार (10)
Bahar ke sanyog kis karm ke uday se (7)
चतुर्थ गुणस्थान में आत्मानुभव में minimum interval (19)
Ek sath kitne yog (2)
क्षायोपशमिक सम्यक्त्व किस प्रकार घटित होगा? (3)
Karma Philosophy (5)
ग्रहस्त के अवधि ज्ञान (3)
Differences in karma.......! (3)
हेतु किसे कहते हैं , इसकी क्या उपयोगिता है? स्पष्ठ करें। (1)
स्त्रियों को क्षायिक सम्यक्त्व (4)
कु-अवधि ज्ञान से पूर्व कु-अवधि दर्शन क्यों नहीं? (3)
अंतराय कर्म के भेद स्व गुणघातक या परपदार्थौं के दान, लाभ, भोगादि में बाधक (2)
गुण प्रत्यय अवधिज्ञान के भेद (2)
मतिज्ञान आदि के स्वरूप में विशेष ज्ञान (3)
क्या भावलिंगी संत निगोद में जा सकते हैं? (8)
अनुभव के काल में ज्ञान की प्रवृत्ति (3)
वीर्यान्तराय कर्म का अन्य कर्मों के क्षयोपशम से सम्बंध (3)
ऊर्ध्व तथा अधो लोक में समय (2)
प्रत्याख्यान कषाय सर्वघाती प्रकृति कैसे? (3)
ऊपर ऊपर के गुणस्थानों में पुण्य बन्ध का मुल कारण क्या? (16)
सम्यक्त्व प्राप्ति का काल (2)
मिश्र गुणस्थान में क्या विशेषता? (3)
पांचवी करण लब्धि में सकाम निर्जरा कैसे? (4)
Yog se prakarti bandh (11)