प्रकाशक: मूलचन्द किसनदास कापड़िया, वीर नि. सं. २४४४ पृष्ठ: 238
सार: सिद्धक्षेत्रों की पूजनों का पुराना संग्रह।
पूरी पुस्तक (PDF):