वीर गये निर्वाण चलिए उत्सव में | Vir Gaye Nirvan Chalie Utsav Men

वीर गये निर्वाण चलिए उत्सव में

वीर गये निर्वाण चलिए उत्सव में
वीर गये निर्वाण चलिए उत्सव में ।।टेक।।

कार्तिक श्याम अमावस प्यारी, वीर मुक्ति की तिथि सुखकारी ।
गौतम पायो ज्ञान ।।1।।

इन्द्र महोत्सव करने आये, दीप रतन के ठाठ जमाये ।
आया देखो पर्व महान् ।।2।।

मायामई तन प्रभु का रचके, मोक्ष कल्याणक पूजा करके ।
कीना अंत विधान ।।3।।

आओ हम भी भक्ति बढ़ावें, निर्दोष श्रीफल गोला चढावें ।
करें वीर यशगान ।।4।।

वीर उपकार कभी न भुलावें, उनको निज आदर्श बनावें ।
प्राप्त करें ‘शिव’ थान ।।5।।


स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन (२०२४), पृष्ठ १६५ से १६६