चौबीस तीर्थंकर सम्बंधित जानकारी

तीर्थंकर............ आयु....................................... कितने काल बाद हुए............................ रंग.....................................
ऋषभनाथ 84 lakh * 84 lakh * 84 lakh 0 Golden
अजितनाथ 72 lakh * 84 lakh * 84 lakh 50 lakh crore saagr Golden
सम्भवनाथ 60 lakh * 84 lakh * 84 lakh 30 lakh crore saagr Golden
अभिनन्दननाथ 50 lakh* 84 lakh * 84 lakh 10 lakh crore saagr Golden
सुमतिनाथ 40 lakh* 84 lakh * 84 lakh 9 lakh crore saagr Golden
पद्मप्रभ 30 lakh* 84 lakh * 84 lakh 90,000 crore saagr Pink (कमल जैसा)
सुपार्श्वनाथ 20 lakh* 84 lakh * 84 lakh 9,000 crore saagr Harit (प्रियंगु पंज जैसा)
चन्द्रप्रभ 10 lakh* 84 lakh * 84 lakh 900 crore saagr White
पुष्पदंत 2 lakh* 84 lakh * 84 lakh 90 crore saagr White
शीतलनाथ 1 lakh* 84 lakh * 84 lakh 9 crore saagr Golden
श्रेयांशनाथ 84 lakh 1 crore saagr Golden
वासुपूज्य 72 lakh 54 saagr Orange (टेसू जैसा)
विमलनाथ 60 lakh 30 saagr Golden
अनंतनाथ 30 lakh 9 saagr Golden
धर्मनाथ 10 lakh 4 saagr Golden
शांतिनाथ 1 lakh 3 saagr Golden
कुंथुनाथ 95,000 0.5 palya Golden
अरहनाथ 84,000 0.25 palya Golden
मल्लिनाथ   1,000 crore Golden
मुनिसुव्रतनाथ 30,000 54 lakh Shyam (अंजन गिरी जैसा)
नमिनाथ 10,000 6 lakh Golden
नेमिनाथ 1,000 5 lakh Shyam (मोर के कंठ जैसा)
पार्स्वनाथ 100 84,000 harit (कच्ची शाली जैसा)
वर्धमान 72 250 Golden
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तीर्थंकर......... साथ में कितने राजा दीक्षित हुए.................. समोशरण में कितने केवली....... समोशरण में कितने मुनि............. समोशरण में कितनी आर्यकाये..... समोशरण में कितने श्रावक श्राविकाए......... कितने शिस्य केवली हुए................
ऋषभनाथ 4000 20,000 84,000 3.5 lakh 3 lakh 60,900
अजितनाथ   20,000 1,00,000 3.2 lakh 3 lakh 70,100
सम्भवनाथ   19,850 2,00,000 3.3 lakh 3 lakh 1,70,100
अभिनन्दननाथ   16,000 3,00,000 3.3 lakh 3 lakh 2,80,100
सुमतिनाथ   13,000 3,20,000 3.3 lakh 3 lakh 3,85,600
पद्मप्रभ   12,000 3,30,000 4.2 lakh 3 lakh 3,13,600
सुपार्श्वनाथ   11,000 3,00,000 3.3 lakh 3 lakh 2,85,600
चन्द्रप्रभ   10,000 2,50,000 3.8 lakh 3 lakh 2,34,000
पुष्पदंत   7,500 3,00,000 3.8 lakh 2 lakh  
शीतलनाथ   7,000 1,00,000 3.8 lakh 2 lakh 80,600
श्रेयांशनाथ   6,500 84,000 1.2 lakh 2 lakh 65,600
वासुपूज्य 600 6,000 72,000 1.06 lakh 2 lakh 56,600
विमलनाथ   5,500 48,000 1.03 lakh 2 lakh 51,300
अनंतनाथ   5,000 66,000 1.6 lakh 2 lakh 51,000
धर्मनाथ   4,500 64,000 62,000 2 lakh  
शांतिनाथ   4,000 62,000 60,300 2 lakh 38,400
कुंथुनाथ   3,200 60,000 60,350 1 lakh 46,800
अरहनाथ   2,800 50,000 60,000 1 lakh 37,200
मल्लिनाथ 606   40,000 55,000 1 lakh 28,800
मुनिसुव्रतनाथ   1,800 30,000 50,000 1 lakh 19,200
नमिनाथ   1,600 20,000 45,000 1 lakh 9,600
नेमिनाथ   1,500 18,000 40,000 1 lakh 8,000
पार्स्वनाथ 606 1,000 16,000 38,000 1 lakh 6,200
वर्धमान 300 700 14,000 35,000 1 lakh 7,200
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तीर्थंकर चिन्ह............ पिता........... माता........... जन्म नगरी............ जन्म के नक्षत्र............. निर्वाण होने के नक्षत्र............            
ऋषभनाथ बैल नाभिराजा मरुदेवी अयोध्या पुरी उत्तराषाढ़ा उत्तराषाढ़ा
अजितनाथ हस्ती जितशत्रु विजयादेवी अयोध्या पुरी रोहणी रोहणी
सम्भवनाथ घोटक जयतार श्रीषेणादेवी श्रावस्तीपुरी, ज्येष्ठा ज्येष्ठा
अभिनन्दननाथ कपि (बंदर) सुवीर सिद्धार्थादेवी अयोध्या पुरी पुनर्वसु पुनर्वसु
सुमतिनाथ कोक (चकवा) मेघ मंगलादेवी अयोध्या पुरी मघा मघा
पद्मप्रभ लाल कमल धरण सुसीमादेवी कौशांबी पुरी चित्रा चित्रा
सुपार्श्वनाथ सांथिया सुप्रतिष्ठित पृथ्वीदेवी काशी पुरी विशाखा अनुराधा
चन्द्रप्रभ चन्द्रमा महासेन सुलक्षणादेवी चन्द्र पुरी अनुराधा ज्येष्ठा
पुष्पदंत मगर सुग्रीव रामादेवी किष्किंधा पुरी मूल मूल
शीतलनाथ कल्प वृक्ष दृढ़रथ सुनंदादेवी भद्रशाल पुरी पूर्वाषाढ़ा पूर्वाषाढ़ा
श्रेयांशनाथ गेंडा विमल विमलादेवी सिंह पुरी श्रवण श्रवण
वासुपूज्य महिष वासुदेव जयादेवी चम्पा पुरी शतभिषा, अश्विनी
विमलनाथ सूकर जयति धर्म रामादेवी कंपिला उत्तराभाद्रपदा भरणी
अनंतनाथ सेही सिद्धसेन सूर्यादेवी अयोध्या पुरी रेवती रेवती
धर्मनाथ वज्दंड भानु सुव्रतादेवी रतन पुरी पुष्प पुष्प
शांतिनाथ हिरण विश्वसेन एलादेवी हस्तिना पुरी भरणी भरणी
कुंथुनाथ बकरा सूर्य श्रीमतीदेवी हस्तिना पुरी, कृतिका कृतिका
अरहनाथ मछली सुंदरसेन सुमित्रादेवी हस्तिना पुरी रोहणी रोहणी
मल्लिनाथ स्वर्ण कलश कुंभ सरस्वतीदेवी मिथिला पुरी अश्विनी अश्विनी
मुनिसुव्रतनाथ कछुवा यशोमति वामादेवी कुशाग्र पुर श्रवण श्रवण
नमिनाथ कनक कमल विजयरथ विमलादेवी मथुरा पुरी अश्विनी अश्विनी
नेमिनाथ शंख समुद्रविजय शिवादेवी शौर्य पुर चित्रा चित्रा
पार्स्वनाथ सर्प अश्वसेन वामादेवी वाणारसी विशाखा, विशाखा,
वर्धमान सिंह सिद्धारथ त्रिशलादेवी कुंडलपर उत्तरा फाल्गुणी स्वाती
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तीर्थंकर.............. Height.......... कहाँ से आये........ किन वृक्षों के नीचे दीक्षा ली      
ऋषभनाथ 500 धनुष सर्वार्थसिद्धि वट
अजितनाथ 450 धनुष विजय विमान सपृच्छद
सम्भवनाथ 400 धनुष ग्रैवेयक शाल
अभिनन्दननाथ 350 धनुष विजय विमान सरल
सुमतिनाथ 300 धनुष वैजवंत विमान प्रयंगु
पद्मप्रभ 250 धनुष ग्रैवेयक प्रयंगु
सुपार्श्वनाथ 200 धनुष ग्रैवेयक सिरीष वृक्ष
चन्द्रप्रभ 150 धनुष वैजवंत विमान नाग
पुष्पदंत 100 धनुष 15 स्वर्ग सालिष
शीतलनाथ 90 धनुष अच्युत स्वर्ग शाल
श्रेयांशनाथ 80 धनुष 12 स्वर्ग बिन्दुक
वासुपूज्य 70 धनुष 10 स्वर्ग जयप्रिय
विमलनाथ 60 धनुष ग्रैवेयक जंबु
अनंतनाथ 50 धनुष 12 स्वर्ग पीपल
धर्मनाथ 45 धनुष सर्वार्थसिद्धि दधिपर्ण
शांतिनाथ 40 धनुष सर्वार्थसिद्धि नन्द
कुंथुनाथ 35 धनुष सर्वार्थसिद्धि तिलक
अरहनाथ 30 धनुष जयंत विमान आम्र
मल्लिनाथ 25 धनुष अपराजित विमान अशोक
मुनिसुव्रतनाथ 20 धनुष ग्रैवेयक चंपक
नमिनाथ 15 धनुष अपराजित विमान मौलश्री
नेमिनाथ 10 धनुष जयंत विमान मेषपर्ण
पार्स्वनाथ 9 हाथ ग्रैवेयक भव
वर्धमान 7 हाथ 12 स्वर्ग शाल

Other Info

वासुपूज्य, मल्लिनाथ, नेमिनाथ, पार्स्वनाथ, वर्धमान स्वामी - कुमार अवस्था में बाल ब्रह्मचारी मुनि हुए, राज्य नहीं किया | शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ - चक्रवर्ती और कामदेव थे | बाकि १६ तीर्थंकर - महा मांडलेस्वर राजा थे

श्रेयांशनाथ, सुमतिनाथ, मल्लिनाथ जी - पूर्वान्ह समय दीक्षा ली | बाकि सभी ने - सायं समय दीक्षा ली

आदिनाथ जी ने तप के १ वर्ष बाद इच्छुक रस का आहार लिया | बाकी ने गाय के दूध की बनी खीर का आहार - वासुपूज्य जी ने एकान्तर बाद, पार्स्वनाथ जिन ने तेले बाद और बाकी ने बेले बाद

ऋषभनाथ, श्रेयांशनाथ, मल्लिनाथ, नेमिनाथ, पार्स्वनाथ - को प्रभात समय केवलज्ञान हुआ | बाकि को - दिन के पिछले प्रहर में

वृषमनाथ, अजितनाथ, श्रेयांसजिन, शीतलजिन, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ, सुपार्श्वनाथ, चंद्रप्रभ जी - को दिन के प्रथम पहर में मोक्ष हुआ संभवनाथ, पद्मनाथ, पुष्पदंत जिन को - दिन के पिछले पहर में | वासुपूज्य, विमलनाथ, अनंतनाथ, शीतलनाथ, कुंथनाथ, मल्लिनाथ, मुनिसुव्रत, नेमिनाथ, पार्स्वनाथ जिन को - रात्रि समय में | धर्मनाथ, अरहनाथ, नमिनाथ, वर्धमान जिन को - सूर्य के उदय हुई प्रभात

आदिनाथ जिन के - निर्माण से ४ दिन पहले वाणी खिरणा बंध हुई | बाकी के - निर्माण होने से १ महीना पहले

Source - [Pdmpuran, Adipuran, Sudrastitrangni]

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