यह मजा हमको मिला पुद्गल की यारी में | Yah Maja Hamko Mila Pudgal Ki Yaari Mein

यह मजा हमको मिला पुद्गल की यारी में

(राग बिहाग)

यह मजा हमको मिला पुद्गल की यारी में ।
केई जन्म मरण किये निगोद ख्बारी में ॥

श्वास एक माहिं मरण ठारा बारि मैं,
अक्षर के अनन्त भाग सुज्ञान धारी मैं ॥१॥

अंगुल असंख भाग माहिं देहधारी मैं।
करके निवास चिदानन्द हुआ भिखारी मैं ॥२॥

चिद चैन गुण अनन्ते सब कू विसारी मैं ।
गुरु चरण की सहाय हुआ सुगुण धारी मैं ॥३ ॥


स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन २० (विभिन्न कवियों के भजन)