वैशाख शुक्ल दशमी के शुभ दिन | Vaishakh Shukl Dashami Ke Shubh Din

वैशाख शुक्ल दशमी के शुभ दिन

वैशाख शुक्ल दशमी के शुभ दिन, प्रभु ने पाया केवलज्ञान ।
समवशरण में नाथ विराजे, पर न हुआ उपदेश महान ॥

जिनवचनामृत पान किये बिन, हुए तृषातुर सारे जन ।
वीर प्रभो! अब तो कुछ बोलो, गरजो-बरसो हरो तपन ॥

छियासठ दिन के बाद भरत में, सावन का महिना आया ।
भव्यजीव के भाग्य जगे, अरु वचन योग भी है आया ॥

इन्द्र गये, गौतम को लाये, भविजन पर कीना उपकार ।
इन्द्रभूति का पा निमित्त फिर, बही भरत में अमृत धार ॥

धन्य वीर प्रभु, धन्य हैं गौतम, धन्य वीर जिन की है वाणी ।
धन्य हुई श्रावण की एकम, शासन पाया सुखदानी ॥


स्रोत: nikkyjain.github.io (पर्व भजन)

खोज: Vaishakh Shukl Dashami Ke Shubh Din