उजरो पथ है शिव ओरी को
(राग सारंग)
उजरो पथ है शिव ओरी को ॥ टेर ॥
पंच पाप को त्याग है जामें, संग्रह समता गौरी को ॥ १ ॥
उन्नति समिति गुप्ति की बढ़ावो, तज असंजम थोरी को ॥ २ ॥
दुरलभ मिल्यो तजो नहिं पारश ज्यों चिंतामणि जौहरी को ॥ ३ ॥
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन ४४ (विभिन्न कवियों के भजन)