तुम सुनियो साधो! मनुवा मेरा ज्ञानी | Tum Suniyo Sadho Manuva Mera Jnani

तुम सुनियो साधो! मनुवा मेरा ज्ञानी

तुम सुनियो साधो! मनुवा मेरा ज्ञानी ।।टेक।।

सत गुरु भेंटा संसय मेटा, यह नीकै करि जानी ।।
चेतनरूप अनूप हमारा, और उपाधि विरानी ।।१।। तुम सुनियो. ।।

पुद्गल भांडा आतम खांडा, यह हिरदै ठहरानी ।
छीजौ भीजौ कृत्रिम काया, मैं निरभय निरवानी ।।२।। तुम सुनियो. ।।

मैं ही देखौं मैं ही जानौं, मेरी होय निशानी ।
शबद फरस रस गंध न धारौं, ये बातैं विज्ञानी ।।३।। तुम सुनियो. ।।

जो हम चीन्हां सो थिर कीन्हां, हुए सुदृढ़ सरधानी ।
‘भूधर’ अब कैसे उतरेगा, खड्ग चढ़ो जो पानी ।।४।। तुम सुनियो. ।।

खांडा - तलवार ।


Artist: पं. श्री भूधरदास जी
स्रोत: भूधर भजन सौरभ, पृष्ठ ७५ से ७६