तोड़ो जग से नाते | Todo Jag Se Naate

तर्ज : छोड़ो कल की बातें

तोड़ो जग से नाते, ये तो रीत पुरानी,
परमागम में देखेगें, हर इक बात सुहानी ।
ना कर हैरानी, ना कर हैरानी,
ना कर हैरानी, ना कर हैरानी ।। टेक ।।

आओ आतम को अपना भगवान बनाऐं ऽऽ,
अपने ही द्वारा अपने पाठ पढ़ाऐं ऽऽ ।
वीर के इस शासन में सन्तों की राहों पर ऽऽ,
सपनों में भी कभी अनादर हो ना पाये ऽऽ ।।
समयसार है, नियमसार है, और है माँ जिनवाणी ।। 1 ।।
ना कर हैरानी, ना कर हैरानी …

त्रसथावर की गतियों को तुम छोड़ चुके हो ऽऽ,
विकलत्रय की हालत को भी तोड़ चुके हो ऽऽ ।
पंचेन्द्रिय का तन पाया है संज्ञी बनकर SS,
देव शास्त्र गुरु से भी नाता जोड़ चुके हो ऽऽ ।।
समयसार है, नियमसार है, और है माँ जिनवाणी ।। 2 ।।
ना कर हैरानी, ना कर हैरानी …

तत्वों की तस्वीरों को फैलाकर देखो ऽऽ,
उपादान की ताकत को अजमाकर देखो ऽऽ ।
मैं निज का कर्ता हूँ, हूँ कर्ता नहीं पर का ऽऽ,
चाहो तो समकित की आँख उठाकर देखो ऽऽ ।।
समयसार है, नियमसार है, और है माँ जिनवाणी ।। 3 ।।
ना कर हैरानी, ना कर हैरानी …


स्रोत: जिनवर भक्ति शतक (सामूहिक जिनेन्द्र पूजन समिति, कोटा)
संकलन: विक्रान्त कुमार जैन · सम्पादन: डॉ. वैद्य दीपक जैन