थे म्हारे मन भायाजी चंद जिनंदा | The Mhare Man Bhayaji Chand Jinanda

थे म्हारे मन भायाजी चंद जिनंदा

थे म्हारे मन भायाजी चंद जिनंदा,
बहुत दिनामैं पाया छौ जी ॥टेक॥

सब आताप गया ततखिन ही, उपज्या हरष अमंदा ॥
थे म्हारे मन भायाजी चंद जिनंदा ॥1॥

जे मिलिया तिन ही दुख भरिया, भई हमारी निंदा ।
तुम निरखत ही भरम गुमाया, पाया सुख का कंदा ॥
थे म्हारे मन भायाजी चंद जिनंदा ॥२॥

गुन अनन्त मुखतैं किम गाऊं, हारे फनिंद मुनिंदा ।
भक्ति तिहारी अति हितकारी, जाँचत ‘बुधजन’ वंदा ॥
थे म्हारे मन भायाजी चंद जिनंदा ॥3॥


Artist: पं. बुधजन जी
स्रोत: nikkyjain.github.io (पं बुधजन कृत भजन)

खोज: The Mhare Man Bhayaji Chand Jinanda