तनका तनक भरोसा नाहीं किस पर करत गुमाना रे
(राग भैरवी)
तनका तनक भरोसा नाहीं किस पर करत गुमाना रे॥टेर॥
पैंड पैंड पर तक तक मारे, काल की चोट निशाना रे॥१॥
देखत देखत विनश जात है, पानी बीच बुदासा रे॥२॥
तेरे सिर पर काल खड़ा है जैसे तीर कमाना रे॥३॥
कहत बनारसि सुनि भवि प्राणी यह जियरा योंही जाना रे॥४॥
Artist: पं. बनारसीदास जी
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन २९ (विभिन्न कवियों के भजन)