तन-मन सारो जी सांवरिया | Tan-Man Saaro Ji Sanwariya

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तन-मन सारो जी सांवरिया, तुम पर वारना जी।

बालापन में कमठ उबारो, अग्नि जलते नाग निवारो।
बैरी करमन मारो नाथ तुमने, तप बल धारना जी।।1।।

जीवाजीवे द्रव्य बताये, सब जीवन के भरम मिटाये।
शिव मारग दरसाये प्रभुजी तुमने, सत को धारना जी।।2।।

स्यादवाद सतभंगु बताये, नय प्रमाण निश्चय करुवाये।
अर झूठे मत किये खंडन, सत को धारना जी।।3।।

न्यामत जिन पारस गुण गाये, पुनि पुनि चरनन शीश नबाये।
वीतराग सर्वज्ञ तुही, हितकारना जी।।4।।

रचयिता : कविवर न्यामतराय जी
स्वर : पण्डित श्री मांगीलाल जी, कोलारस

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स्रोत: JinSwara ऑडियो संग्रह।