सूरत प्यारी-प्यारी है
सूरत प्यारी-प्यारी है, कितनी न्यारी-न्यारी है,
मेरे स्वामी तेरी जय हो, जय हो, जय हो ॥टेक॥
तेरी भक्ति करूंगा मैं नित प्रतिपल,
चरणों में तेरे ही नाथ रहूंगा,
तेरे गुणों को में याद करूंगा, बोलो जय-३ सब ॥सूरत…१॥
तेरे मुखड़े पर मैं वारी जाऊँगा,
तेरी महिमा मैं नित गाऊँगा,
तेरे सहारे मैं भव तरुंगा,
तेरे गुणों को मैं याद करूंगा, बोलो जय-३ सब, ॥सूरत…२॥
क्रोध, मान, माया से दूर रहूंगा,
अपने कर्मों को मैं चूर करूंगा,
जीवन में अपने मैं ज्योति भरूंगा,
तेरे गुणों को मैं याद करूंगा, बोलो जय-३ सब, ॥सूरत…३॥
अपने भक्त की आप पीर हर लो,
तू ज्ञानी मुझ में कुछ ज्ञान भर दो,
नैन प्रभु भक्ति का पान करूंगा,
तेरे गुणों को मैं याद करूंगा, बोलो जय-३ सब, ॥सूरत…४॥
स्रोत: nikkyjain.github.io (बच्चों के भजन भजन)
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