श्री पार्श्वनाथ स्तुति - मेरो जन्म सफल भयो आज | Shri Parshvanath Stuti - Mero Janm Safal Bhayo Aaj

मेरो जन्म सफल भयो आज हो,

देखी प्रभुता पारस की।

प्रभु पारस की, प्रभु पारस की ।। टेक ।।

पन्द्रह माह रतन बरसाये,
कल्याणक इन्द्रादि मनाए।
गूँजा जय-जयकार हो ।। देखी प्रभुता…।। 1 ।।

जलते नाग-नागिन प्रतिबोधे,
भये धरणेन्द्र पद्मावती थे वे।
भक्ति करें सुखकार हो।। देखी प्रभुता…।। 2 ।।

कारण पाय भये वैरागी,
निर्ग्रन्थ दीक्षा ले अविकारी।
सहज परम तप धार हो।। देखी प्रभुता…।। 3 ।।

कर उपसर्ग कमठ गुर्राया,
किन्तु ध्यान से चिगा न पाया।
हुआ न लेश विकार हो।। देखी प्रभुता…।। 4 ।।

आ उपसर्ग धरणेन्द्र निवारा,
किंचित् हर्ष राग नहीं धारा।
रहे सहज अविकार हो ।। देखी प्रभुता…।। 5 ।।

घाति कर्म तज केवल पाया,
जग को मुक्तिमार्ग दर्शाया।
त्रिभुवन मंगलकार हो ।। देखी प्रभुता…।। 6 ।।

बालयती प्रभु को सिर नावें,
उत्तम ब्रह्मचर्य अपनावें ।
होवें भव से पार हो।। देखी प्रभुता…।। 7 ।।

Artist: ब्र. श्री रवीन्द्र जी ‘आत्मन्’


स्रोत: जिन-भक्ति सिंधु, पृष्ठ १०८ से १०९

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