श्री जी मैं थाने पूजन आयो
श्री जी मैं थाने पूजन आयो, मेरी अरज सुनो दीनानाथ ! ।।श्री जी।।
जल चन्दन अक्षत शुभ लेके ता में पुष्प मिलायो ।।श्री जी।।
चरु अरु दीप धूप फल लेकर, सुन्दर अर्घ बनायो ।।श्री जी।।
आठ पहर की साठ जु घड़ियां, शान्ति शरण तोरी आयो ।।श्री जी।।
अर्घ बनाय गाय गुणमाला, तेरे चरणन शीश झुकायो ।।श्री जी।।
मुझ सेवक की अर्ज यही है, जामन मरण मिटावो,
मेरा आवागमन छुटावो, ।।श्री जी।।
स्रोत: जैन भजन पूजा पाठ, पृष्ठ ३२० से ३२१