सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा | Sammed Shikhar Par Main Jaunga

सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा

सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा डोली रखदो कहारों
मैं टोंकों की वंदन को जाऊंगा डोली रखदो कहारों ।।
परस प्रभु का जो दर्शन पाऊँ,
मैं भी तो पत्थर से सोना हो जाऊँ,
अपने पारस को मैं रिझाऊंगा, डोली…
चौबीस जिनराज बैठे जहाँ पे,
ऐसा सुहाना हैं मन्दिर वहाँ पे,
बैठ मन्दिर मैं भजन सुनाऊंगा, डोली …
अन्दर के भावों का अर्घ बनाऊं,
पूजा की थाली चरणों मे लाऊँ,
जा के अष्ट द्रव्य को चढाऊंगा, डोली…
ऐसा ललित कूट हृदय विहंगम,
ललित कलाओं का कैसा ये संगम,
ऐसी सुंदर छवि मन मैं लावूँगा, डोली..


स्रोत: जैन भजन पूजा पाठ, पृष्ठ १७९