रंग मा रंग मा रंग मा रे,
प्रभु थारा ही रंग मा रंग गयो रे।
आया मंगल दिन मंगल अवसर,
भक्ति मा थारी हूँ नाच रह्यो रे॥ प्रभु थारा. (1)
गावो रे गाना आतम राम का,
आतम देव बुलाय रहयो रे॥ प्रभु थारा. (2)
आतम देव को अंतर में देखा,
सुख सरोवर उछल रहयो रे॥ प्रभु थारा. (3)
भाव भरी हम भावना ये भाये,
आप समान बनाय लियो रे॥ प्रभु थारा. (4)
समयसार में कुन्दकुन्द देव,
भगवान् कह के बुलाय रहयो रे॥ प्रभु थारा. (5)
आज हमरो उपयोग पलटयो,
चैतन्य चैतन्य भासि रहयो रे। प्रभु थारा.(6)
स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन (२०२४), पृष्ठ २७७