पर्व पर्युषण आया है | Parv Paryushan Aaya Hai

पर्व पर्युषण आया है

पर्व पर्युषण आया है, आया है भाई आया है
धर्म की वर्षा लाया है लाया है भाई लाया है
हमको जिन दर्शन मिले, जिनवाणी जिनशासन मिले ॥
पर्व पर्युषण आया है, आया है भाई आया है ॥टेक॥

भगवन तेरी महिमा अपरंपार,
भक्ति से खुल जाऐ मुक्ति द्वार
उपवास कर, विश्वास कर, प्रभु प्रेम का तू प्रयास कर
प्रभु भक्ति से, मधुबन खिले, प्रभु नयनों का, सावन मिले
पर्व पर्युषण आया है, आया है भाई आया है ॥१॥

त्याग तपस्या संयम का त्यौहार,
जिन आगम से मिला हमें उपहार
हो साधना, आराधना, एकासना, व्रत पारणा,
जैसा साधन, शक्ति मिले, वैसा उसका जीवन खिले
पर्व पर्युषण आया है, आया है भाई आया है ॥२॥

सब धर्मों का क्षमा धर्म आधार,
सृष्टि पे सब जीवों का अधिकार
जय अहिंसा, परमो धरम्, जियो जीने दो- कहे जिन धरम
आगम के अभ्यास से, आतम में परमातम मिले
पर्व पर्युषण आया है, आया है भाई आया है ॥३॥


स्रोत: nikkyjain.github.io (पर्व भजन)

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