परदेशिया में कौन चलेगा तेरे लार ॥ टेक ॥
चलेगी मेरी माता चलेगी मेरी नार ।
नहीं नहीं रे चेतन जावेंगी दर तक लार ॥ परदे. ॥
चलेगा मेरा भाई चलेगा मेरा यार ।
नहीं नहीं रे चेतन फूँकेंगे अग्नि मँझार ॥ परदे. ॥
चलेगी मेरी माता की जाई मेरी लार ।
नहीं नहीं रे चेतन झूठा है सारा व्यवहार ॥ परदे. ॥
चलेगा मेरा बेटा पिता परिवार।
नहीं नहीं रे चेतन मतलब का सारा संसार ॥ परदे. ॥
चलेगी मेरी फौज चलेगा दरबार ।
नहीं नहीं रे चेतन जीते जी की है सरकार ॥ परदे. ॥
चलेगा मेरा माल खजाना घरबार ।
नहीं नहीं रे चेतन पड़ा रहेगा सब कार ॥ परदे . ॥
चलेगी मेरी काया चलेगा मनसार ।
नहीं नहीं रे न्यामत छोड़ेंगे तोहें मंझधार ॥ परदे . ॥
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन ६५ (विभिन्न कवियों के भजन)
खोज: Pardeshiya Mein Kaun Chalega Tere Lar