म्हेतौ थांका चरणां लागां, आन भाव की परणति त्यागां
(राग - कालिंगड़ो परज धीमो तेतालो)
म्हेतौ थांका चरणां लागां, आन भाव की परणति त्यागां ॥ म्हे. ॥ टेक ॥
और देव सेया दुख पाया, थे पाया छौ अब बड़भागां ॥ १ ॥ म्हे. ॥
एक अरज म्हांकी सुण जगपति, मोह नींदसौं अबकै जागां ।
निज सुभाव थिरता बुधि दीजे, और कछु म्हे नाहीं मांगा ॥ २ ॥ म्हे. ॥
Artist: पं. बुधजन जी
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन २५
खोज: Mhetau Thanka Charana Laga, An Bhav Ki Parnati Tyaga