मेरे मन मन्दिर में आन | mere mana mandira mem ana

मेरे मन मन्दिर में आन, पधारो महावीर भगवान् ॥ टेक ॥

भगवन तुम आनन्द सरोवर रूप तुम्हारा महा-मनोहर।
निश-दिन रहे तुम्हारा ध्यान, पधारो महावीर भगवान् ॥1 ॥

सुर-किन्नर-गणधर गुण गाते, योगी तेरा ध्यान लगाते।
गाते सब तेरा यश-गान, पधारो महावीर भगवान् ॥2॥

जो तेरी शरणागत आया, तूने उसको पार लगाया।
तुम हो दया-निधि भगवान्, पधारो महावीर भगवान् ॥3 ॥

भक्तजनों के कष्ट निवारें, आप तरें हमको भी तारें।
कीजे हमको आप समान, पधारो महावीर भगवान् ॥4॥

आये हैं हम शरण तिहारी, भक्ति हो स्वीकार हमारी।
तुम हो करुणा दया निधान, पधारो महावीर भगवान् ॥5॥

रोम-रोम में तेज तुम्हारा, भू-मण्डल तुमसे उजियारा।
रवि-शशि तुमसे ज्योतिर्मान, पधारो महावीर भगवान् ॥6॥


स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन (२०२४), पृष्ठ २२