मानोजी चेतनजी मोरी बात, छोड़ो छोड़ो कुमति केरो साथ | Manoji Chetanji Mori Baat, Chhodo Chhodo Kumati Kero Saath

मानोजी चेतनजी मोरी बात, छोड़ो छोड़ो कुमति केरो साथ

(राग उझाज जोगीरासा)

मानोजी चेतनजी मोरी बात, छोड़ो छोड़ो कुमति केरो साथ ॥टेर ॥

कुमती तोय दिढावत कूडी, यातैं जग भरमात ॥ १ ॥

या संग दुःख सहे भव वन में, ता संग फिर क्यूं जात ॥२ ॥

चेतन ज्ञान समझ अपनावो, यातैं शिवपुर जात ॥ ३ ॥


स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन १२ (विभिन्न कवियों के भजन)

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