तर्जः मंगल अवसर आज सुरगण आये नगर में …
मंगल अवसर आज, आओ जिनमंदिर में।
जिनमंदिर में, जिनमंदिर में ।। टेक ।।
दर्शन करेंगे, पूजा करेंगे, भक्ति करेंगे, ध्यान धरेंगे।
उत्तम अवसर आज ।। आओ. ।। 1 ।।
जिनवाणी सुनें, भेदज्ञान करेंगे, आतम अनुभव सहज करेंगे।
धन्य भाग्य है आज ।। आओ. ।। 2 ।।
प्रभुवर मुक्ति का मार्ग दिखाते, शुद्धातम महिमा दर्शाते।
छोड़ के जग जंजाल ।। आओ. ।। 3 ।।
श्री जिनधर्म परम हितकारी, भव आताप विनाशनहारी।
शरणभूत अविकार ।। आओ. ।। 4 ।।
श्री जिनवर को शीस नवाओ, जन्म-जन्म के पाप नशाओ।
पाओ शिवपद सार ।। आओ. ।। 5 ।।
स्रोत: जिन भक्ति सिंधु, पृष्ठ २३
Artist: ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’