मैंने तेरे ही भरोसे (कवि राजमल पवैया) | Mainne Tere Hi Bharose (Rajmal Pavaiya)

मैंने तेरे ही भरोसे

मैंने तेरे ही भरोसे महावीर, भंवर में नैया डार दई ।।

जनम जनम का मैं दुखियारा, भव-भव में दुख पाया ।
सारी दुनिया से निराश हो, शरण तुम्हारी आया ।।मैंने. ।।१।।

चारों गतियों में भरमाया, कष्ट अनन्तों भोगे ।
आज मुझे विश्वास हो गया, मेरी भी सुधि लोगे ।।मैंने ।।२।।

नाम तुम्हारा सुनकर आया, मेरे संकट हर लो ।
आत्म ज्ञान का दीपक दे दो, मुझको निज सम करलो ।।मैंने ।।३।।

बडे भाग्य से तुमको पाया, अब न कहीं जाऊंगा ।
मुझे मोक्ष पहुंचा दो स्वामी, फिर न कभी आऊंगा ।।मैंने ।।४।।


Artist: कवि राजमल जी पवैया
स्रोत: जैन पूजांजलि (श्री रूपचन्द्र सुशीलाबाई दि. जैन ग्रंथमाला, विदिशा, १९९२), प्रारम्भिक भजन