मैं ऐसा देहरा बनाऊं | Main Aisa Dehra Banaun

मैं ऐसा देहरा बनाऊं

मैं ऐसा देहरा बनाऊं, ताकै तीन रतन मुक्ता लगाऊं ॥टेक॥

निज प्रदेस की भीत रचाऊं, समता कली धुलाऊं ।
चिदानंदकी मूरति थापूं, लखिलखि आनंद पाऊं ॥
मैं ऐसा देहरा बनाऊं ॥1॥

कर्म किजोड़ा तुरत बुहारूं, चादर दया बिछाऊं ।
क्षमा द्रव्यसौं पूजा करिकै, अजपा गान गवाऊं ॥
मैं ऐसा देहरा बनाऊं ॥2॥

अनहद बाजे बजे अनौखे, और कछू नहिं चाऊं ।
‘बुधजन’ यामैं बसौ निरंतर, याही वर मैं पाऊं ॥
मैं ऐसा देहरा बनाऊं ॥3॥

देहरा : मंदिर


Artist: पं. बुधजन जी
स्रोत: nikkyjain.github.io (अध्यात्म भजन)

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