महापुण्य फल पाया है | Mahapunya Phal Paya Hai

तर्ज : चलो बुलावा आया है

जन्म लेय जिनकुल में जो ऽऽ, वो लोग निराले होते हैं ऽऽ ।
छोड़ सकल जग द्वंद-फंद ऽऽ, भव तिरने वाले होते हैं ऽऽ ।।
महापुण्य फल पाया है, जिनमन्दिर में आया है,
महापुण्य फल पाया है, जिनमन्दिर में आया है।
हो ऽऽ महापुण्य फल ऽ पाया है ऽऽ,
महापुण्य फल ऽ पाया है ऽऽ, जिनमन्दिर में आया है।
जय जिनवर की…
महापुण्य फल ऽ पाया है ऽऽ, जिनमन्दिर में आया है,
हो ऽऽ जिनमन्दिर में जिनप्रतिमा को, देखत मन हर्षाया है।
महापुण्य फल ऽ पाया है ऽऽ, जिनमन्दिर में आया है ।।
जय जिनवर की…
महापुण्य फल ऽ पाया है ऽऽ, जिनमन्दिर में आया है ।। टेक ।।

जिनदर्शन से पाप जाय और, अनुभव आवे आतम का।
हो ऽऽ भेद-विज्ञान उदय हो घट में, दर्शन हो शुद्धातम का ।।
हो ऽऽ है निश्चिन्त वही जिसने, शुद्ध उपयोग अपनाया है ।। १ ।।
महापुण्य फल ऽ पाया है ऽऽ…
जय जिनवर की…
जय जिनवर की… जय जिनवर की…
कहते जाओ - जय जिनवर की…
जय जिनवर की… - जय जिनवर की…
कहते जाओ - जय जिनवर की…
जय जिनवर की भक्ति सुनाओ, सब ही आने वालों को।
उनसे बोलो तुम भी बैठो, जिनवर भक्ति गाने को ।।
हो ऽऽ जिसने की जिनभक्ति है बस, मुक्ति मार्ग ही पाया है ।। २ ।।
महापुण्य फल पाया है …


स्रोत: जिनवर भक्ति शतक (सामूहिक जिनेन्द्र पूजन समिति, कोटा)
संकलन: विक्रान्त कुमार जैन · सम्पादन: डॉ. वैद्य दीपक जैन