माँ मुझे सुना गुरुवर की कथा
माँ मुझे सुना गुरुवर की कथा, कैसे संसार मिले
बचपन कैसा, यौवन कैसा जिनवाणी के साथ चले
कैसे करुणा प्यार पले
गुरुदेव की माता जागे, ललना को नित्य जगावे
सोता न रहे जीवन भर, तू काम मनुज के आवे
आलस तजकर जीवन पथपर करता उपकार चले ॥बचपन॥
मंदिर में घंटा बाजे, भगवन महावीर विराजे
तू वीर बने जीवन-भर, करुणा और दया ना त्याजे
मन साफ़ रहे, ये आभास रहे, झूठ कषाय टले ॥बचपन॥
स्रोत: nikkyjain.github.io (बच्चों के भजन भजन)
खोज: Maa Mujhe Suna Guruvar Ki Katha, Ma Mujhe Suna Guruvar Ki Katha