लगनी लागी शुद्धातम सों, संयोग मात्र ना देखूँ | Lagani Lagi Suddhatam Som Samyog Matr Na Dekhu

लगनी लागी शुद्धातम सों, संयोग मात्र ना देखूँ । ।टेक ।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, संयोगी भाव ना देखूँ।।1।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, मोहादि भाव ना देखूँ।।2।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, रागादि बंध ना देखूँ।।3।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, अपूर्ण दशा ना देखूँ।।4।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, पूर्ण दशा ना देखूँ ।।5।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, भावान्तर ना देखूँ ।।6।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, ज्ञेयमात्र ना देखूँ । ।7।।
लगनी लागी शुद्धातम सों, पर्याय मात्र ना देखूँ ।।8।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, भेद मात्र ना देखूँ।।9।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, चैतन्य मात्र ही देखूँ।।10।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, ज्ञान मूर्ति ही देखूँ।।11।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, सहज ज्ञायक ही देखूँ ।।12।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, स्वयं सिद्ध प्रभु देखूँ ।।13।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, ज्योतिर्मय प्रभु देखूँ।।14।।

लगनी लागी शुद्धातम सों, जाननहार ही देखूँ ।।15।।


स्रोत: भक्ति-भावना (द्वितीय खण्ड)
Artist: श्री ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’
स्रोत: डॉ. विनोद ‘चिन्मय’