कींपर करो जी गुमान, थे तो कै दिनका मिजमान | Kinpar Karo Ji Guman, The To Kai Dinka Mijman

कींपर करो जी गुमान, थे तो कै दिनका मिजमान

(राग - सोरठ)

कींपर करो जी गुमान, थे तो कै दिनका मिजमान ॥ कींपर. ॥ टेक ॥
आये कहांतैं कहाँ जावोगे, ये उर राखौं ज्ञान ॥ १ ॥ कींपर. ॥

नारायण बलभद्र चक्रवर्ति, नाना रिद्धिनिधान ।
अपनी-अपनी बारी भुगतिर, पहुँचे परभव थान ॥ २ ॥ कींपर. ॥

झूठ बोलि माया चारीतैं, मति पीड़ो पर प्रान ।
तन धन दे अपने वश बुधजन, करि उपगार जहान ॥ ३ ॥ कींपर. ॥


Artist: पं. बुधजन जी
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन २२