करलों प्रभु गुण गान, अवसर आयो है | Karalom Prabhu Gun Gan Avasar Ayo Hai

तर्ज-महावीर की जय बोल…

करलों प्रभु गुण गान, अवसर आयो है।

करलो भेद-विज्ञान, अवसर आयो है ।। टेक ।।

लोकोत्तम नित पावन, आनन्दमय मन भावन।
अपनाओ जिनशासन, प्रगटे समकित सावन।।
पाओ सम्यग्ज्ञान, अवसर आयो है ।।। ।।
नवतत्त्वों से न्यारा, केवल जाननहारा।
गुण अनन्त भण्डारा, शुद्धातम अविकारा ।।
अनुभव कर श्रद्धान, अवसर आयो है ।।2।।

विषय-कषाय विडारो, सर्व प्रपंच निवारो।
निर्ग्रन्थ रूप सु-धारो, ध्येय स्वरूप संभारो ।।
चलो पंथ निर्वाण, अवसर आयो है। ।3।।
कर्म कलंक नशावे, निज प्रभुता प्रगटावे।
आवागमन मिटावे, स्वयं सिद्ध पद पावे।।
कहलावे भगवान्, अवसर आयो है ।।4।।


स्रोत: भक्ति-भावना (द्वितीय खण्ड)
Artist: श्री ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’
स्रोत: डॉ. विनोद ‘चिन्मय’