कैसा अवसर आया सुहाना | Kaisa Avsar Aaya Suhana

कैसा अवसर आया सुहाना

कैसा अवसर आया सुहाना, कि आज जिनवर दर्शन पाया।
कि निज दर्शन मैं पाऊँ, निज में ही रम जाऊँ॥टेक॥

जिनवर तेरे शरण में, सेवक मैं आया,
जिन दर्शन करके ही, निज पद मैंने पाया।
प्रभु अब मुझे तुम, शुद्धातम बताओ,
चहुँ गति दुखों से, शीघ्र ही छुड़ाओ।
अवसर आया सुहाना, सुहाना, सुहाना॥१॥

ऐसा ही प्रभु मैं हूँ, ये प्रतिबिंब है मेरा,
भली भाँति मैंने जाना, ऐसा रूप है मेरा।
धन्य भाग मेरे, आज दर्शन पाया,
उर में फूला नहीं समाया।
अवसर आया सुहाना, सुहाना, सुहाना॥२॥


Artist: ज्ञात नहीं (ऑडियो में गायक का नाम नहीं है)
स्रोत: भजन की ऑडियो रिकॉर्डिंग से लिखित, जैसा गाया गया है।

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