जिनवाणी माँ सुन तो | jinavani ma n suna to

जिनवाणी माँ सुन तो जरा

आगम की वाणी में म्हारा मन डोले।
बड़ा पुण्य अवसर यह आया, आज तुम्हारा दर्शन पाया।
पावापुर के महावीरा ने, सब भव्यों को पार लगाया ॥
गाओ-गाओ रे – 2, जिनवाणी मीठे…
जिन मंदिर में सब नर-नारी, थारा ही गुण गावे
मन से तेरी भक्ति करके, पुण्य महान् कमावे
नाचो-नाचो रे - 2, प्रभु के आगे होले-होले…
कुन्दकुन्द ने परमागम में, परमामृत बरसाया।
कहान गुरु ने परमामृत को, घर-घर में पहुँचाया।
सुनो-सुनो रे – 2, जिनवाणी मीठे…
आगम की वाणी में म्हारा मन डोले ॥


स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन