जिन चरणों में अब लगी लगन, प्रभु चरणों में अब लगी लगन | Jin Caranom Mem Ab Lagi Lagan Prabhu Caranom Mem Ab Lagi Lagan

जिन चरणों में अब लगी लगन, प्रभु चरणों में अब लगी लगन । ।टेक ।।

चिर से भव में भ्रमते भ्रमते, जब देखा जिन स्वामी को।
वीतराग सर्वज्ञ हितंकर, तीर्थंकर जग नामी को।।
मोह महातम हुआ भगन ।। प्रभु. ।1।।
जब ही सुनी मैं श्री जिनवाणी, सम्यक् तत्त्वप्रतीति जगी।
बाह्य जगत् निस्सार दिखावे, परिणति अन्तर माँहि पगी ।।
निजानन्द में हुआ मगन ।। प्रभु. ।।2।।

प्रभु मूरति नयनों में बसि गई, हृदय में चिद्रूप बसा।
और न कछू सुहावे किंचित्, पर से प्रीति भाव नसा।।
स्वच्छ ज्ञान जिमि हुआ गगन।। प्रभु. ।। 3 ।।

अहो देव अब यही भावना, निज अनुभव अविच्छिन्न रहे।
अपने में ही तृप्त रहूँ नित, अविरल समरस धार बहे।।
शीश नवाऊँ नाथ चरण ।। प्रभु. ।।4।।


स्रोत: भक्ति-भावना (द्वितीय खण्ड)
Artist: श्री ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’
स्रोत: डॉ. विनोद ‘चिन्मय’