जय बाहुबली- जय बाहुबली, जय बाहुबली- जय आत्मबली | jaya bahubali jaya bahubali jaya bahubali jaya atmabali

तर्जः प्रभु बाहुबली ऐसा बल हो…

जय बाहुबली- जय बाहुबली, जय बाहुबली- जय आत्मबली।
जय मोहजयी जय कामजयी, जय द्वेषजयी जय रागजयी ।। 1।।

जय क्रोधजयी जय मानजयी, माया विजयी जय लोभजयी ।
हो प्रभु कर्मादि विभावजयी, पाई अविनाशी सिद्ध - मही ।। 2 ।।

त्रिकाल स्वरूप सु ज्ञानमयी, प्रगटी परिणति भी ज्ञानमयी।
साक्षात् अकर्त्ता ज्ञाता प्रभु, बस देखन- जाननहार सही।। 3 ।।

प्रभु निर्विकल्प आनंदमयी, अतीन्द्रिय ज्ञानानंदमयी।
निर्द्वन्द्व परम आनंदमयी, जय अव्याबाध आनंदमयी ।। 4।।

हो स्वयं मुक्त हो सहज मुक्त, ज्ञान मात्र अनंता शक्तिमयी।
जय महिमा अपरम्पार विभो ! अद्वैत नमन जिनराज सही ।। 5 ।।


स्रोत: जिन भक्ति सिंधु, पृष्ठ १३९
Artist: ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’