जय आदीश्वर-जय आदीश्वर, भाव सहित स्तवन करूँ | jaya adishvara jaya adishvara bhava sahita stavana karu n

तर्जः जय-पारस, जय-पारस भगवान् की …

जय आदीश्वर-जय आदीश्वर, भाव सहित स्तवन करूँ ।

भाव सहित प्रभु नमन करूँ ।। टेक ।।

दर्शन पाया प्रभो आपका, धन्य हुआ कृतकृत्य हुआ।
अहो ! आप सम अन्तर माँहि, अपना प्रभु प्रत्यक्ष हुआ।। 1 ।।

निज-पर भेद-विज्ञान हुआ, सहजहिं परमानन्द हुआ।
असत् विभावों की नहीं चिन्ता, मुक्त रूप अनुभूत हुआ ।। 2 ।।

सब संसार असार दिखाया, सारभूत शुद्धात्मा।
शुद्धातम-आराधूँ स्वामी, बनूँ सहज परमात्मा।। ३।।


स्रोत: जिन भक्ति सिंधु, पृष्ठ ९१ से ९२
Artist: ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’