जय श्री ऋषभ जिनंदा! नाश तौ करो स्वामी मेरे दुखदंदा | Jay Shri Rishabh Jinanda Nash Tau Karo Svami Mere Dukhadanda

जय श्री ऋषभ जिनंदा! नाश तौ करो स्वामी मेरे दुखदंदा

जय श्री ऋषभ जिनंदा! नाश तौ करो स्वामी मेरे दुखदंदा ।।टेक।।

मातु मरुदेवी प्यारे, पिता नाभिके दुलारे,
वंश तौ इख्वाक, जैसे नभबीच चंदा ।।१।। जय श्री. ।।

कनक वरन तन, मोहत भविक जन,
रवि शशि कोटि लाजैं, लाजै मकरन्दा ।।२।।जय श्री. ।।

दोष तौ अठारा नासे, गुन छियालीस भासे,
अष्ट-कर्म काट स्वामी, भये निरफंदा ।।३।।जय श्री. ।।

चार ज्ञानधारी गनी, पार नाहिं पावै मुनी,
‘दौलत’ नमत सुख चाहत अमंदा ।।४।।जय श्री. ।।


Artist: कविवर श्री दौलत राम जी
स्रोत: दौलत भजन सौरभ, पृष्ठ ६८