इस जीवको, यों समझाऊं री
इस जीवको, यों समझाऊं री !
अरस अफरस अगंध अरूपी, चेतन चिह्न बताऊं री ॥ इस. ॥ १ ॥
तत तत तत तत, थेई थेई थेई थेई तन नन री री गाऊं री। इस. ॥ २ ॥
‘द्यानत’ सुमत कहै सखियनसों, ‘सोहं’ सीख सीखाऊं री। इस. ॥ ३ ॥
Artist: पं. द्यानतराय जी
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन १२
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