हे प्रभो चरणों में तेरे | he prabho charanom mem tere

हे प्रभो ! चरणों में तेरे आ गये;

भावना अपनी का फल हम पा गये ॥ टेक ॥
वीतरागी हो तुम्ही सर्वज्ञ हो;
सप्त तत्त्वों के तुम्ही मर्मज्ञ हो।
मुक्ति का मारग तुम्ही से पा गये;
हे प्रभु! चरणों में तेरे आ गये ॥1 ॥

विश्व सारा है झलकता ज्ञान में;
किन्तु प्रभुवर लीन हैं निज ध्यान में।
ध्यान में निज-ज्ञान को हम पा गये;
हे प्रभु! चरणों में तेरे आ गये ॥2॥

तुमने बताया जगत् के सब आत्मा;
द्रव्यदृष्टि से सदा परमात्मा ।
आज निज परमात्म पद पा गये;
हे प्रभु! चरणों में तेरे आ गये ॥3॥


स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन (२०२४), पृष्ठ १९
स्रोत: जैन विधि विधान (सं. पण्डित अभयकुमार जैन, अखिल भारतीय जैन युवा फैडरेशन), पृष्ठ ३२