हे मात करुणा कर मुझे, अब गोद में ले प्यार दे | he mata karuna kara mujhe aba goda mem le pyara de

हे मात करुणा कर मुझे, अब गोद में ले प्यार दे।

कह सकूँ मैं माँ तुझे, ऐसा मुझे अधिकार दे।। 1।।

रुदन मेरा बंद हो, ऐसा सुभग उपहार दे।
मग्न हो गाया करूँ, ऐसी मधुर मल्हार दे।। 2।।

अब मुझे पुचकार ले, माता कहाने के लिए।
मैं कर रहा हूँ वन्दना, निज बोध पाने के लिए।। 3।।


स्रोत: जिन भक्ति सिंधु, पृष्ठ १४९
Artist: ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’