देखे देखे जगतके देव, राग-रिससौं भरे | Dekhe Dekhe Jagatake Dev Rag Risasaun Bhare

देखे देखे जगतके देव, राग-रिससौं भरे

देखे देखे जगतके देव, राग-रिससौं भरे ।।
काहूके संग कामिनि कोऊ, आयुधवान खरे ।।देखे.।।

अपने औगुन आपही हो, प्रकट करैं उघरे ।
तऊ अबूझ न बूझहिं देखो, जन मृग भोर परे ।।१।।देखे. ।।

आप भिखारी ह्वै किनहीं हो, काके दलिद हरे ।
चढ़ि पाथरकी नावपै कोई, सुनिये नाहिं तरे ।।२।।देखे. ।।

गुन अनन्त जा देवमें औ, ठारह दोष टरे ।
‘भूधर’ ता प्रति भावसौं दोऊ, कर निज सीस धरे ।।३।।देखे. ।।


Artist: पं. श्री भूधरदास जी
स्रोत: भूधर भजन सौरभ, पृष्ठ ५०