दया करो भगवन्, मुझपर भी कुछ तो दया करो
दया करो भगवन्, मुझपर भी कुछ तो दया करो ।
कृपा करो भगवन्, मुझपर भी कुछ तो कृपा करो ॥टेक॥
कभी न तेरी माला फेरी, कभी न जाप किया है ।
मैंने जाने अनजाने में, कितना पाप किया है ॥दया…१॥
भटक गया और उलझ गया, मुझे मोह-माया ने घेरा ।
ना कोई मंजिल, ना ही ठिकाना और न कोई डेरा ॥दया…२॥
ज्ञान की ज्योति जलाकर प्रभुजी, संकट हर लो मेरे ।
अंधियारे में दीप जलाकर, कर दो दूर अन्धेरे ॥दया…३॥
स्रोत: nikkyjain.github.io (देव भजन)
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