चेतन तोसौं आज होरी खेलौंगी | Chetan Toson Aaj Hori Khelaungi

चेतन तोसौं आज होरी खेलौंगी

चेतन तोसौं आज होरी खेलौंगी रे ॥टेक॥
अनँत दिवस क्यौं अनतहि डोल्यौ, ताकौ बदला अब ल्यौंगी रे ॥1॥

जो तैं करी सो भंडुवा गवाऊं, संजमतैं कर बाँधौगी रे ।
त्रास परीषह लगैगी तेरै, तब सुधताई आवैगी रे ॥2॥

जिन तोकौं दुख दै भरमायौ, ता दुरमतिकौं भगावौंगी रे ।
खोटे भेष धरे लंगर तैं, अब शुभ भेष बना द्यौंगी रे ॥3॥

समकित दरस गुलाल लगाऊ, ज्ञान सुधारस छिरकौंगी रे ।
चारित चोबा चरचौं सब तन, दया मिठाई खबावौंगी रे ॥4॥

‘बुधजन’ यौ तन सफल करौंगी, विधि-विपदा सब चूरौंगी रे ।
हिलमिल रहुँ बिछुरौं नहिं कबहूं, मन की आशा पूरौंगी रे ॥5॥


Artist: पं. बुधजन जी
स्रोत: nikkyjain.github.io (पं बुधजन कृत भजन)

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