करो मिल वंदे वीरम् गान ॥ टेक ॥
आदि अजित संभव अभिनंदन, सुमति नाथ भगवान् ।
पद्म सुपार्श्वचंदा प्रभु स्वामी, चमकत चन्द समान ।। करो मिल० ।। १ ।।
पुष्पदन्त शीतल जग नायक, तारक सकल जहान ।
श्री श्रेयांस प्रभु श्रेय करें नित, देंय हमें बुध ज्ञान ।। करो मिल० ।। २ ।।
वास पूज्य प्रभु विमल अनंतः, धर्म शान्त की खान ।
कुंथ कंथ हो शिव रमणी के, पाया शुभ निर्वाण ।। करो मिल० ।। ३ ।।
अरह मार्दव स्वामी मुनि सुव्रत, व्रत तप जपकी खान।
नमि नेम प्रभु पार्शनाथ जी, महावीर गुणवान ।। करो मिल० ।। ४ ।।
ये चौबीसों वीर जिनेश्वर, इनका नित प्रति गान ।
सुख दायक शुभ शान्त प्रदायक, मेंटत दुख अज्ञान ।। करो मिल० ।। ५ ।।