चरणों में आया हूँ | Charanon Men Aya Hun

चरणों में आया हूँ

चरणों में आया हूँ, उद्धार जिनंद कर दो
निज रीति निभाकर के, उपकार जिनंद कर दो ।।
संसार की नश्वरता, मैंने अब जानी है,
मंगलकारी जब ही, सुनी जिनवर वाणी है
चारित्र की नाव चढा, भवपार जिनंद कर दो ।।निज…।।

ना चाहत भोगों की, ना जग का कोई बंधन,
गर ध्यान करूँ कोई, तो देखूं केवल जिन
तम दूर हटा मन का, उजियार जिनंद कर दो ।।निज…।।

कर्मों ने जनम जनम, मेरा पीछा नहीं छोडा,
भरमाया यूंही प्रभू से, नाता ना कभी जोडा
करुणा कर अब इनसे, निस्तार जिनंद कर दो ।।निज…।।


स्रोत: जैन भजन पूजा पाठ, पृष्ठ ३१