बिदा होने के बाजे बजने लगे
(सोरठ)
बिदा होने के बाजे बजने लगे । टेर ॥
तार खबर हिचकी जब आई, कल पुर्जे सब हिलने लगे ॥ १ ॥
चार जने मिल मतो उपायो, काठ की गुडया सजने लगे ॥ २ ॥
घर के बाहर खड़े जो बराती चलोजी चलो सब कहने लगे ॥ ३ ॥
जा जंगल में होली लगाई अपने अपने ठिकाने लगे ॥४॥
परमेश्वर का भजन करो नर, इस दुनिया में कोई न सगे ॥ ५ ॥
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन १० (विभिन्न कवियों के भजन)