भजन श्री महावीर स्वामी (चांदनपुर) | Bhajan Shri Mahavir Swami (Chandanpur)

भजन श्री महावीर स्वामी (चांदनपुर) | Bhajan Shri Mahavir Swami (Chandanpur)

चाल-रसिया ।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।टेर।।

जयपुर राज्य गांव चांदनपुर, तहां बनो उन्नत जिन मंदिर ।
तट नदी गम्भीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।१।।

पूरब बात चली यों आवे, एक गाय चरने को जावे ।
झर जाय उसका क्षीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।२।।

एक दिवस मालिक संग आयो, देख गाय टीलो खुदवायो ।
खोदत भयो अधीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।३।।

रैन माहिं तब सुपनो दीनों, धीरे धीरे खोद जमीनो ।
है इसमें तस्वीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।४।।

प्रात होत फिर भूमि खुदाई, वीर जिनेश्वर प्रतिमा पाई ।
भई इकट्ठी भीड़, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।५।।

तब ही से हुआ मेला जारी, होय भीड़ हरसाल करारी ।
चैत मास आखीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।६।।

लाखों मीना गूजर आवें, नाचें गावें गीत सुनावें ।
जय बोलें महावीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।७।।

जुटें हजारों जैनी भाई, पूजन पाठ करें सुखदाई ।
मनवचतन धरि धीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।८।।

छत्र चमर सिंहासन लावें, भरि भरि घृतके दीप जलावें ।
बोलें जै गम्भीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।९।।

जो कोई सुमरे नाम तुम्हारा, धन संतान बढ़े व्योपारा ।
होय निरोग शरीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।१०।।

मक्खन शरण तुम्हारी आयो, पुण्य योगसे दर्शन पायो ।
खुली आज तकदीर, हमारी पीर हरो ।।
चांदनपुरके महावीर हमारी पीर हरो ।।११।।


Artist: मक्खन
स्रोत: पूजन-पाठ-प्रदीप (सातवां संस्करण, देहली), पृष्ठ ५१४ से ५१५