भज रे भज रे मन! आदिजिनंद | Bhaj Re Bhaj Re Man Aadijinand

भज रे भज रे मन! आदिजिनंद

भज रे भज रे मन! आदिजिनंद, दूर करैं तेरे अघवृंद ॥टेक॥

नाभिराय मरुदेवी नंद, सकल लोक में पूनमचन्द ॥1॥

जाको ध्यावत त्रिभुवनइंद, मिथ्यातमनाशन जु दिनंद ॥2॥

शुद्ध बुद्ध प्रभु आनंदकंद, पायो सुख नास्यो दुखदंद ॥3॥

जाको ध्यान धरैं जु मुनिन्द, तेई पावत परम अनंद ॥4॥

जिनको मन-वच-तन-करि वंद, ‘द्यानत’ लहिये शिवसुखकंद ।
भज रे भज रे मन! आदिजिनंद, दूर करैं तेरे अघवृंद॥5॥


Artist: पं. द्यानतराय जी
स्रोत: nikkyjain.github.io (पं द्यानतराय कृत भजन)

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