बाजे कुण्डलपुर में बधाई | baje kundalapura mem badhai

बाजे कुण्डलपुर में बधाई !

कि नगरी में वीर जन्मे, महावीर जी ॥टेक॥
जागे भाग्य है त्रिशला माँ के, त्रिभुवन नाथ जन्मे,
शुभ घड़ी जन्म की आई, कि स्वर्ग से देव आ गए,
बाजे… ॥1 ॥

तेरा न्हवन करें मेरु पर, कि इन्द्र जल भर लाए,
तेरे पलने में हीरे मोती, कि डोरियों पे लाल लटकें।
बाजे… ॥2 ॥

तुझे देवियाँ झुलावे पलना, कि मन में मगन हो के,
अब ज्योति है तेरी जागी, कि सूर्य चंद्र छिप जाए।
बाजे… ॥3 ॥

तेरे पिता लुटाए मोहरें, खजाने सारे खुल जाएँ,
हम दर्श को तेरे आए, कि पाप सब कट जाएँ।
बाजे… ॥4 ॥


स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन (२०२४), पृष्ठ १२९