आनंद मंगल आज हमारे
(भैरवी)
आनंद मंगल आज हमारे
आनंद मंगल आजजी ॥टेक॥
श्रीजिन चरणकमल परसत ही
विघन गये सब भाजजी ॥१॥
सफल भई जब मेरी कामना
सम्यक् हिये विराजजी ॥२॥
नैन वचन मन शुद्ध करन को
भेटें श्री जिन राजजी ॥३॥
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन ८६ (विभिन्न कवियों के भजन)
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