आज तो बधाई शान्तिनाथ के दरबार जी | aja to badhai shantinatha ke darabara ji

तर्ज : आज तो बधाई राजा नाभि के दरबार में …

आज तो बधाई शान्तिनाथ के दरबार जी ।। टेक ।।

राज छोड़ा तप किया, शुक्लध्यान धार लिया।
केवल सुज्ञान किया, जग सुखकार जी ।। 1।।

समवशरण सुर किया, पूजा-पाठ ठाठ किया।
तत्त्वों का उपदेश दिया, भवि हितकार जी ।। 2 ।।

देव करें जय-जयकार, दुन्दभि बजें अपार ।
देवियाँ गावें मंगलाचार, खुशियाँ अपार जी ।। 3 ।।

प्रभु तुम जैसे बनें, कर्म शत्रुओं को हनें।
सिद्धपद प्राप्त करें, नित्य अविकार जी।। 4।।


स्रोत: जिन भक्ति सिंधु, पृष्ठ १०१
Artist: ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’